2 अक्टूबर को दशहरा नहीं मनाया जाएगा ऐसा क्यों…
उज्जैन में कुछ ऐसा सूचना मिली है कि 2 अक्टूबर को रावण दहन नहीं किया जाएगा किस लिए नहीं करेंगे क्या कारण है चलिए जानते हैं आज ब्लॉग में.
2 अक्तूबर क्या है..
2 अक्टूबर क्या खास होने वाला है 2 अक्टूबर को और जानते हैं कि 2 अक्टूबर को कौन-कौन सी त्योहार और कौन-कौन सी चीज हैं जो अब 2 अक्टूबर को 2025 में करने वाले हैं तो सबसे पहले हम 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मानने वाले हैं
और 2 अक्टूबर को ही दशहरा जो रावण जलता है उसके रूप में मानने वाले हैं 2 अक्टूबर अबकी बार दो-दो चीज लेकर आई है अब देखते हैं कौन किसको कौन बनाता है
और इस चीज में उज्जैन में कुछ लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है कि रावण का जो पुतला है वह नहीं जलाया जाएगा किस कारण से चलिए जानते हैं

उज्जैन में रावण का पुतला…
उज्जैन में अभी फिलहाल जो सूचना निकलकर सामने आई है कि रावण का जो पुतला है वह नहीं जलाया जाएगा क्यों जलाया नहीं जाएगा इसका एक मुख्य कारण यह है की रामायण में रावण को कभी जलाया नहीं गया है
इसका कोई उल्लेख नहीं है रामायण में इस कारण से लोग जो है वह उज्जैन की निवासी हैं जो महाकाल के पुजारी उन्होंने यह अभियान चलाया है कि रावण का पुतला जो है नहीं जलाया जाएगा
कौन विरोध कर रहा है…
महाकाल सेना के संरक्षक महेश पुजारी जो की उज्जैन के निवासी हैं उन्होंने निर्णय लिया है कि हम रावण का पुतला नहीं जलाएंगे इस तत्व को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अभियान चलाया है
जिससे भारत वर्ष में भारत में होने वाले रावण दहन को रोकने के लिए उन्होंने यह अभियान चलाया है कि रावण का दहन नहीं होना चाहिए अब इस तत्व को कितना वह पूरा कर लेते हैं 2 अक्टूबर फिलहाल ज्यादा दूर नहीं है
नवरात्रि कब है..
नवरात्रि जो है वह 22 सितंबर से लगने वाला है पहली नवरात्रि 22 सितंबर को है उसके बाद जो है 2 अक्टूबर को दशहरा के रूप में मनाया जाएगा और गांधी जयंती भी है इस रूप में दिखाया जाएगा कि कौन-कौन रावण का दहन करता है और कौन-कौन गांधी जयंती मानता है तो गांधी जयंती तो पूरे देश में मनाया ही जाएगा अब रावण का दहन जो है वह कौन-कौन करता है
महाकाल सेना की तरफ से क्या किया गया है…
महाकाल सेना जो की उज्जैन के रहने वाले हैं और महाकाल भगवान शंकर जी का जी वहां के पुजारी जी हैं उन्होंने ऐसा निर्णय लिया है कि लोगों को एक बार तो ढाका जरूर लगेगा लेकिन अब वह कहां तक सफल होते हैं वह आगे देखते हैं
क्या पूरे भारत में लागू होगा…
इसमें अभी कुछ कहानी जा सकता कि हम पूरे भारत में यह लोग लागू करवा सकते हैं कि नहीं करवा सकते फिलहाल तो यह चीज बहुत मुश्किल हो जाता है क्योंकि आज कई सालों से रावण का दहन होता हुआ आ रहा है
इस चीज में अगर अचानक में कोई बोले कि बंद कर दो तो अचानक में कोई भी चीज नहीं होती है यह हो सकता है कि कुछ चीज जो है अपने सीमित भी किया जा सकता है
सारांश…
महाकाल सेना के संरक्षक और पुजारी महेश पुजारी जी ने यह आदेश जारी किया है कि यह हम रावण का पुतला नहीं जलाएंगे क्योंकि यह जो है रामायण में उल्लेख नहीं है कि रावण का पुतला जलाना है कि नहीं है क्या है कैसे हैं
पर यह जरूरी नहीं है कि हम रावण का पुतला ही जलाएं और जब उल्लेख नहीं है रामायण में तो जलना भी उचित नहीं है ऐसा उनका मानना है पर आप लोगों को क्या मानना है इसका कमेंट के जरिए हमें जरूर बताइएगा पर लोगों का यह ध्यान है कि कई सालों से चला रहा है इस चीज का रोकना थोड़ा बहुत ही कठिन है