तिलक लगाते समय हाथ को पीछे क्यों रखते हैं जानिए यहां पर धार्मिक और वैज्ञानिक कारण क्या है

तिलक लगाते समय पीछे हाथ…

तिलक लगाते समय पीछे हाथ इसलिए किया जाता है और किस लिए किया जाता है सारे डिटेल्स में बताने वाले हैं और उसका धार्मिक और वैज्ञानिक क्या अर्थ होता है सारी जानकारी मिलने वाली है

तिलक लगाते समय हाथ को पीछे क्यूँ रखते हैं
तिलक लगाते समय हाथ को पीछे क्यूँ रखते हैं

तिलक क्यों लगाते हैं…..

तिलक लगाने के पीछे बहुत सारे ऐसे कार्य बताए गए हैं और बहुत सारे ऐसे प्रमाण बताए गए हैं जो अचंभित करने वाला लगता है पर यहां पर देखने वाली बात यह है की तिलक लगाने से होता क्या है हम तिलक क्यों लगाते हैं ऐसे सवाल बहुत सारे लोगों के मन में रहता है और जो जानते हैं उनको यह पता है कि हम तिलक क्यों लगाते हैं

 

जो जानते नहीं है उनके लिए हम बता दें तिलक जो है भारतीय परंपरा के अनुसार जब हम तिलक लगाते हैं तिलक का एक प्रतीक होता है कि तिलक लगाने से हम एक आत्मविश्वास जागता है और जो मन मस्तिष्क अंदर से लेकर बाहर तक सभी चीज एक अत्यंत ऊर्जामन प्रदान करता है ऐसे में तिलक लगाने से कई ऐसे महत्वपूर्ण कार्य भी होते हैं जो ना चाहते हुए भी हो जाते हैं

तिलक लगाते समय हाथ को पीछे क्यूँ

तिलक लगाते समय पीछे हाथ क्यों रखते हैं….

तिलक लगाते समय हम पीछे हाथ क्यों रखते हैं बहुत सारी परंपराओं के अनुसार हम भारतीय परंपरा जो है सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है और कहीं भी ऐसा नहीं है जो भारत के लोगों के द्वारा किया जाता हो भारत में ही सिर्फ तिलक लगाकर लोगों को धन्यवाद और आशीर्वाद लिया जाता है

 

अब ऐसे में हम पीछे हाथ क्यों रखते हैं जब तिलक लगाते हैं तो हम पीछे हाथ क्यों रखते हैं तो सबसे पहले हम बता दे आप लोगों को कोई तिलक लगाते समय जो सर के पीछे अपन हाथ रखते हैं तो उसका एक वैज्ञानिक और एक पारंपरिक कारण बताया गया है

 

पारंपरिक कारण यह है कि तिलक लगाते समय पीछे हाथ रखने से तिलक जो है वह अच्छे तरीके से लगे और उसमें कोई भी त्रुटि न हो सीधा जो है वह तिलक लगी और पीछे हाथ रखने से यह भी होता है कि जो भी मानसिक तनाव या दिमागी कोई टेंशन हो उसको दूर करने के लिए भी यह चीज किया जाता है

 

माथे का बीच का हिस्सा (आज्ञा चक्र) शरीर का बहुत महत्वपूर्ण बिंदु है।

तिलक लगाते समय:

 

सिर के पीछे हाथ रखने से रीढ़ में ऊर्जा संतुलित रहती है

 

तिलक का प्रभाव (चंदन, कुमकुम, रोली) शरीर को शांति देता है

 

सिर स्थिर रहने से उस स्थान पर ऊर्जा केंद्रित होती है

 

यह पारंपरिक मान्यता है, वैज्ञानिक रूप से इसका गहरा अध्ययन नहीं हुआ है, लेकिन योग-शास्त्र में इसे महत्वपूर्ण माना गया है।

तिलक लगाते समय हाथ को पीछे

निष्कर्ष…

तिलक लगाते समय भारतीय परंपराओं के अनुसार हम बहुत सारे क्रियाकलाप देखे गए हैं बहुत सारे कार्य भी बताए गए हैं चाहे वह वैज्ञानिक कारण हो चाहे वह सांस्कृतिक कारण हो जाएगा पारंपरिक कारण हो बहुत सारे ऐसे कारण बताए गए हैं

 

जो लोगों के द्वारा अलग-अलग तरीके से किया जाता है कई लोग रिकॉर्डिंग बनाते हैं कई लोग सीधा लगते हैं तो हर चीज का अलग-अलग तिलक लगाने से कारण बनता है आप लोगों को सीधा तिलक लगाने से क्या होता है और पीछे हाथ रखने से क्या होता है सारी जानकारी यहां पर दी गई है और इसका मुख्य कारण यह भी है

 

तिलक लगाते समय सिर के पीछे हाथ रखना—

✔ सम्मान

✔ स्थिरता

✔ धार्मिक आस्था

✔ ऊर्जा संतुलन

✔ परंपरा

इन सबका मिलाजुला रूप है।

 

सबसे पहले सम्मान दिया जाता है जो तिलक लगाने वाले को हम सम्मान देते हैं फिर जो सर होता है उसको इस स्थिरता के लिए हम सहायता करते हैं हाथ लगाने के बाद और धार्मिक आस्था भी होती है जब भी अपन तिलक लगाते हैं तो धार्मिक आस्था उसमें छुपी रहती है और इसके बाद जो है जो तिलक लगाने से शारीरिक ऊर्जा और संतुलन ऊर्जा जो है वह प्रधान होता है और जो परंपरा है वह भी परंपरा के अनुसार सारी चीज किया जाता है

 

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