बिहार का सीएम कौन….
भारत की राजनीति में और बिहार की राजनीति में ऐसा एक मोड़ आ चुका है जहां पर बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को अपना सीएम चुना था और यह गठबंधन की सरकार अब सरकार यहां पर कुछ और करने जा रही है तो इसमें अभी पता चलने वाला है कि बिहार का अगला सीएम कौन होने जा रहा है आज हम इस ब्लॉक में आप लोग को बताने वाले हैं कि बिहार का अगला सीएम कौन हो सकता है

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी…
भारत और बिहार की राजनीति बहुत ही उठा पटक चल रही है जिसमें से अभी फिलहाल जो निर्णय सामने आया है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को विधानसभा भेजने की तैयारी हो चुकी है
और बिहार की जो कम अगला होने वाला है उसके विषय में आप लोगों को हम बताने वाले हैं कि नीतीश कुमार जी सीएम के पद पर अभी फिलहाल नहीं है उनका कार्य भर जो है वह उनके जो ऊप मुख्यमंत्री जी हैं वह संभाल रहे हैं
बिहार का सीएम कौन…
भारत और बिहार का सीएम कौन होने वाला है जिसमें से अभी फिलहाल जो है वह नीतीश कुमार जी चला रहे थे आज उनके द्वारा विधानसभा में जाने के बाद यह पद जो है वह खाली हो चुका है इस पद के लिए अभी कौन हो सकता है और कौन नहीं हो सकता है सबसे पहले नाम जो अभी सामने आ रहा है
वह है सम्राट चौधरी जी जिसमें से उन्होंने उप मुख्यमंत्री का पद कार्यभार संभाल रहे हैं लोग भी उनको ज्यादा ही पसंद कर रहे हैं फिलहाल उनके द्वारा जो कार्य अभी किए जा रहे हैं वह कई लोगों को अच्छे भी लग रहे हैं और कई लोगों के बुरे भी लग रहे हैं विपक्ष वाले भी उनको नापसंद कर रहे हैं अब यह देखना है कि बिहार का सीएम कौन होने जा रहा है
तेजस्वी यादव विपक्ष…
भारत और बिहार में बहुत सारे ऐसे राजनीतिक गढ़ होते जा रहे हैं और नए-नए जो संगठन बनते जा रहे हैं जहां पर आप देख रहे हैं कि बिहार की राजनीति में विपक्ष जो है वह काफी हद तक मजबूत भी है
और इसमें यह देखना है कि नीतीश कुमार जी या तेजस्वी यादव या भाजपाई जो भी हैं इसमें कहां तक हासिल हो सकते हैं कि विपक्ष के तेजस्वी यादव जो है वह कुछ कमाल करके दिखाते हैं या विपक्ष में बैठने की आदत सी हो गई है
मुख्य दावेदार और उनके समीकरण…
भारत में ही ऐसा क्यूँ होता है कि उलटफेर जानते हैं सब
बिहार की कुर्सी के लिए फिलहाल तीन-चार प्रमुख चेहरे चर्चा में रहते हैं:
1. नीतीश कुमार (JDU)
वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की राजनीति के केंद्र रहे हैं।
* ताकत: उनके पास शासन का लंबा अनुभव और “महिला वोट बैंक” का मजबूत आधार है।
* चुनौती: ‘एंटी-इंकंबेंसी’ (सत्ता विरोधी लहर) और उनकी बदलती राजनीतिक निष्ठाओं के कारण जनता के एक वर्ग में थोड़ी नाराजगी देखी जाती है। हालांकि, बीजेपी के साथ गठबंधन उन्हें फिर से रेस में बनाए रखता है।
2. तेजस्वी यादव (RJD)
लालू प्रसाद यादव के बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सबसे बड़े विपक्षी चेहरे हैं।
* ताकत: युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ी है, खासकर “रोजगार” के मुद्दे पर। 2020 के चुनावों में आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।
* चुनौती: ‘माई’ (MY – Muslim Yadav) समीकरण के बाहर अन्य जातियों का पूर्ण समर्थन प्राप्त करना उनके लिए बड़ी चुनौती है।
3. बीजेपी का चेहरा (नित्यानंद राय या सम्राट चौधरी)
बीजेपी बिहार में अपनी जमीन मजबूत कर रही है और भविष्य में अपना मुख्यमंत्री चाहती है।
* गठबंधन का स्वरूप:
क्या नीतीश कुमार एनडीए (NDA) में बने रहेंगे? क्योंकि बिहार में बिना गठबंधन के बहुमत पाना फिलहाल किसी भी दल के लिए मुश्किल है।
* जातिगत जनगणना: बिहार में हुई जातिगत जनगणना के बाद आरक्षण और जातिगत गोलबंदी चुनाव का सबसे बड़ा एजेंडा होगी।
* युवा और रोजगार: बिहार का युवा अब केवल जाति नहीं, बल्कि नौकरी और विकास के नाम पर वोट करने की ओर बढ़ रहा है।
निष्कर्ष….
भारत और बिहार के राजनीति में बहुत सारे अंतर देखने को मिल रहे हैं मुख्यमंत्री कौन होने जा रहा है
फिलहाल मुकाबला नीतीश कुमार बनाम तेजस्वी यादव के इर्द-गिर्द ही घूम रहा है, लेकिन बीजेपी के बढ़ते प्रभाव और प्रशांत किशोर की एंट्री ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।