बीमा के चक्कर में क्या परिवार को किया खत्म…
आज एक ऐसा मामला आया है जो एक आदमी अपने ही परिवार को बीमा के चक्कर में मार डाला है चलिए जानते हैं डिटेल्स में कैसे क्या किया उसने.
घटना कहां की है…
यह घटना उत्तर प्रदेश के हापुर मेरठ की घटना बताई जा रही है जहां पर एक आदमी अपने ही परिवार को बीमा के चक्कर में कैसे मार डाला खुद के लिए
उसने अपनी पत्नी अपनी मां-आप सबको अपने पैसे के चक्कर में खत्म कर दिया ऐसे में कलयुग में किसके ऊपर विश्वास किया जाए किसके ऊपर विश्वास न किया जाए यह भी एक अपने आप में चलेंगे है
मेरठ के गंगानगर के निवासी विशाल सिंघल के रूप में गिरफ्तारी हुई है जहां पर उन्होंने अपने ही परिवार को करने के चक्कर में 64 बीमा कर रखा था ऐसे में उसने 64 बीमा क्या जानबूझकर किया था क्या पैसों के चक्कर में ऐसा करने के लिए तो ऐसे में पता लगाया जा रहा है
कि उन्होंने उसने 64 बीमा जो करवाया था वह सिर्फ अपने मतलब के लिए करवाया था जिसमें से 39 करोड़ का पूरा का पूरा बीमा हड़पने की कोशिश कर रहा था वह अब इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह मानसिक बीमारी है या कुछ और है सभी चीजों पर गौर किया जा रहा है

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सभी की मौत कैसे हुई…
बीमा पॉलिसी एक ऐसी बीमारी बन गई है लोगों को ज्यादा पैसे के चक्कर में कैसे क्या करवा देती है तो यही एक बाद इसको समझ में आई थी कि हम ऐसा करेंगे तो हम बहुत मोटा पैसा कमा लेंगे तो सभी की जो मोटी हुई है
इसमें उसने दुर्घटना दिखाकर बीमा पॉलिसी से पैसे इतने का काम कर रहा था पहले तो पत्नी को बीमा के चक्कर में 30 लाख रुपए इसने लिया फिर मन को दुर्घटना बढ़कर इसने बीमा पॉलिसी से पैसे लिए फिर लास्ट में जब इसकी पिताजी की मौत हुई
इसने 39 करोड़ का बीमा क्लेम बताया वहीं पर जाकर शक हुआ सब के चक्कर में इसको पकड़ा गया और इसने दो-तीन साड़ियां भी कर रखी थी जिसके चक्कर में बीमा सबको मार मार के बीमा हड़प ली.

पकड़ा कैसे गया…
बीमा कंपनियों ने सबसे पहले जो भी बीमा करता है उसकी सारी डॉक्यूमेंट और सारी चीज वेरीफाई करने के बाद ही बीमा पॉलिसी किया जाता है जिसमें से इसमें सारे डाक्यूमेंट्स जो है वह फर्जी वाला थे और इसमें एक मैक्सिमम आए होती है
तो आए के हिसाब से ज्यादा इसमें बीमा पॉलिसी कर रखी थी तो ऐसे में बीमा पॉलिसी को भी शक हुआ कि यह व्यक्ति कुछ फर्जी वादा कर रहा है संदेह के घेरे में आने के बाद बीमा कंपनियों ने पुलिस को बताया तो पुलिस ने इस पर कार्रवाई करते हुए इसको पकड़ा.
यह अकेला नहीं है जहां पर इस जैसी चीजों को इसने अंजाम दिया अकेला तो कर नहीं सकता इसके साथ में दो-तीन लोग और थे जो सहयोगी के रूप में इसका मदद करते थे और उसे बीमा पॉलिसी को पैसे क्यों हड़पने के लिए इसने उनका साथ में लेकर चलता था

सारांश…
बीमा पॉलिसी क्या इतनी बीमा पॉलिसी हो जाए कि लोग को मरवाना पड़ जाए और जब आदमी को ज्यादा पैसे की लालच हो जाती है तो ऐसे ही काम करना चालू कर देता है ऐसे ही जो घटना हुई है मेरठ के गंगानगर में वह एक जाग जोर देने वाली घटना है
कि क्या पैसे आजकल मां-बाप और पत्नी से बढ़कर हो गया है यह एक सोचने वाली बात है इसमें फिलहाल जो है जो जैसा कर्म करता है वैसे ही फल मिलता है ऐसा कहना है उसको आज तक जो उसने किया था उसका फल उसने उसको मिल गया है
डिस्क्लेमर…
यह घटना सोशल मीडिया से लिया गया है अधिक जानकारी के लिए आप लोग कहीं और से जानकारी ले सकते हैं
